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लंबाई बढ़ाने मैं सहायक योगासन

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ताड़ासन ताड़ासन लंबाई बढ़ाने में बहुत ज्यादा सहायक है, ताड़ासन करने से जिनकी हाइट, कम है इस आसन को करने से लंबाई मैं वृद्धि की जा सकती है। Yoga Kundalini Yoga ताड़ासन को करने के लिए विधि Power Yoga सबसे पहले मन को एकाग्र करके समतल भूमि पर खड़े हो जाएं। फिर शरीर को संतुलन बनाते हुए गहरी श्वांस भरते हुए पूरक तथा दोनों हाथों को धीरे-धीरे उठाते हुए सर के ऊपर सीधे ले जाएं। पूरी उंगलियां आसमान की और सीधे खोल दें तथा अपना पूरा शरीर पैर की उंगलियों और पंजों पर खड़ा कर दें। अब पूरे शरीर का खिंचाव करते हुए आकाश की ओर तानें। ऐसा लगे कि आपका पूरा शरीर आकाश की ओर खींच रहा है। एक दो बार मुट्ठी बंद करें फिर खोलें और श्वास निकालते हुई रेचक यथा स्थिति में आ जाएं ।इस प्रकार ताड़ासन को करने की विधि है। ताड़ासन करने से प्राप्त लाभ इससे संपूर्ण शरीर की स्नायु तंत्र पर प्रभाव पड़ता है। फेफड़ो व नाभि सहित गर्दन और मुख मंडल पर चैतन्यता और स्फूर्ति आती है। इसके साथ मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पैरों एवं भुजाओं में मजबूती और चैतन्यता आती है तथा सौंदर्य में वृद्धि होती है। यह आसान लंबाई बढ़ाने में सबसे अधिक लाभका...

मानव जीवन के लिए योग कितना जरूरी है

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  अष्टांग योग का प्रारंभ योग को पूर्णत्व के रूप में समझना चाहिए कि योग ही शक्ति है और शक्ति ही योग है।#yoga go login 'योग ही जीवन है , वियोग ही मृत्यु है। कुंडलिनी का जागरण ही , जीवन की मुक्ति है।।'# aerial yoga near me जड़-चेतन-जीव तथा इस संपूर्ण सृष्टि का और इस सृष्टि की जननी माता आदि शक्ति जगत जननी जगदंबे का संबंध ही योग है। सृष्टि का प्रारंभ ही जगत जननी ने योग बल से किया है। अतः जब से यह सृष्टि है ,तभी से योग है।#aerial yoga near me अष्टांग योग की मूल शक्ति कौन? योग की मूल शक्ति माता आदि शक्ति जगत जननी जगदंबा है, उसके देव ब्रह्मा-विष्णु -महेश है और ऋषि श्रेष्ठ स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज हैं। सृष्टि के प्रारंभ से लेकर अब तक हर काल परिसती में योग किसी न किसी रूप में मानव जीवन में समाहित रहा है। अनेक और ऋषि मुनियों ने योग को अपने-अपने तरीके से स्थापित किया है मगर उसका मूल स्वरूप लगभग एक समान ही रहा है। महर्षि पतंजलि ने योग को व्यापकता प्रदान की ,जो वर्तमान समय में मुख्य रूप से प्रचलित है। कुंडलिनी के सातों चक्रों को जागृत करके तथा आत्म चेतना को प्राप्त करके आत्मा की जननी मूल ...